आत्मिक शांति की खोज – ध्यान टिकाने का तरीका

जिस भी तरीके से हम ध्यान पर बैठें, उसमें शरीर के किसी ना अंग में तनाव नहीं होना चाहिए। जब हम ध्यान पर बैठ चुके हों तो व के पूरा होने तक आसन बदलना नहीं चाहिए, हमें उसी आसन पर बैठक पूरी करनी चाहिए। ध्यान-अभ्यास के दौरान हमें शारीरिक पर स्थिर रहना है। जब हम एक आसन चुन लें, तो हम सबसे पहले आराम स को बंद करें, जैसे हम सोते वक्त करते हैं। और अपने सामन भी दिखाई दे. उसके बीच में टकटकी लगाकर देखते जाए। पर किसी प्रकार का जोर नहीं डालें । जो हमारी बाहरी आख अपने सामने जो कुछ बत जाएँ। हम आँच । आँखें हैं, इनमें इतनी शक्ति नहीं हैं कि ये ऊपर (अंदर) के नजारे देख सकें, अत: इनकी पुतलियों को भी हम ऊपर की ओर मोडने की कोशिश न करेें । हमें माथे पर भी कोई जोर नहीं देना है । हमें अपनी आँखों की पुतलियों को सामने की ओर रखना है, जैसे कि हम अपने सामने 8-10 इंच की दूरी पर रखी किसी वस्तु को देख रहे हों ।

(क्रमश:171) (कृपाल आश्रम, अहमदनगर) 

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