शाश्‍वत यौगिक खेती – भाग 2 (सफलता के आयाम) – जमीन को शक्तिशाली बनाने के लिए

प्रकृती के पांचों तत्वों के शुद्धिकरण की विधि

आपके सहयोग के लिए अब मैं खुद भी श्रेष्ठ कर्म करूँगा और दूसरों को भी श्रेष्ठ कर्म की प्रेरणा दूंगा… हे मॉं, आपको बहुत बहुत धन्यवाद…. । मुझे श्रेष्ठ कर्म करने की शक्ति परमात्मा से मिल रही है… । बहुत प्यार से पृथ्वी तत्व को दृष्टि देते हुए 5 मिनट एकाग्र हो जाओ… ।

ऐसे ही जल तत्व को भी जिस प्रकार से दुःख दिया है, उसे स्मृति में रखते हुए पिता परमात्मा के सम्मुख माफी मांगनी है। हर प्रकार से जल तत्व की सुरक्षा अर्थ प्रतिबद्ध रहना है और आवश्यक मात्रा में ही सहयोग लेना है। परमात्मा से सर्वशक्तियों की किरणें मुझ आत्मा में उतरकर जल तत्व में प्रवाहित हो रही है… । जल तत्व पावन शुद्ध बनता जा रहा है… । परमात्मा से शक्तियों की किरणें जल तत्व में प्रवाहित हो रही है ।