शाश्‍वत यौगिक खेती (नये युग के लिए नया कदम) – जमीन को शक्तिशाली बनाने के लिए

अलग-अलग फसलों के लिए ध्यान देने योग्य बातें

बीज संस्कार – 1. 100 ग्राम बीज को बीजामृत में भिगो दें। और ऊपर से पहले 2 ग्राम ट्रायकोडर्मा फफूंदी फिर 2 ग्राम अँझोटोबॅक्टर और 2 ग्राम पी.एस.बी. जीवाणु संवर्धक का लेप चढ़ाकर जमीन में बुवाई करें। जहॉं बीज बुवाई करनी है वहॉं गोबर की अथवा केंचुवे की खाद जमीन में अवश्य मिलायें। बीज बुवाई के बाद पानी के साथ एक लीटर जीवामृत की सिंचाई करें।

2. पौधे लगाने से पहले 2 ली. जीवामृत में 50 ग्राम ट्रायकोडर्मा फफूंदी, 250 ग्राम अँझोटोबॅक्टर और 250 ग्राम पी.एस.बी. जीवाणु संवर्धक मिलाकर पौधों की जड़े 15 मिनट तक डुबोकर रखें फिर पौधे लगायें।

फसल संरक्षण – 1. पौधे छोटे हैं तब 3% गोमूत्र या 5% नीम अर्क फंवारें। 2. रस चूसनेवाली कीट और इल्लियों के नियंत्रण के लिए 4% गोमूत्र, 5% नीम अर्क या दशपर्णी अर्क में से एक अदली बदली कर छिड़काएँ। ज्यादा दिखाई दें तो 30 ग्राम व्हर्टिसिलीयम पाउडर, 50 मि.ली. दूध, 15 ली. पानी में मिलाकर फंवारें।

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