शाश्‍वत यौगिक खेती – भाग 2 (सफलता के आयाम) – जमीन को शक्तिशाली बनाने के लिए

किसान भाई-बहनों के अनुभव

तुम्हारा कुछ ज्यादा नुकसान नहीं होगा। सब से मैं निश्चित हो गया और बाबा से कहा कि ऐसा हो तो 15 प्रतिशत पशु जानवर खा जावें तो भी मुझे कोई हर्जा नहीं। ऐसा मैंने बाबा से कहा लेकिन आश्चर्य की बात तो यह थी कि तब से मेरे खेत में पशुओं ने आना ही बन्द कर दिया। खेत के नजदीक से चले जाते थे लेकिन हमारे खेत में नहीं आते थे तो यह भी बाबा का ही कमाल कहेंगे और शक्तिशाली याद के प्रयोग का भी नतीजा प्रैक्टिकल में देखने को मिला॥ फसल पक जाने पर मुझे ऐसा लगा कि मेरे संकल्प शिवबाबा की याद के प्रयोग से सिद्ध हो रहे हैं।

आमतौर पर ग्रीष्मकालीन तिल की फसल अच्छी परवरिश और उचित समय पर पानी और खाद देने से एक बीघा जमीन में से 150 से 200 कि.ग्रा. पैदावार होती है, लेकिन इस शाश्वत प्राचीन योग के प्रयोग से और शिवबाबा की याद में अच्छे, शुद्ध एवं शुभ वायब्रेशन देने से इतने अच्छे नतीजे देखने को मिले कि एक बीघा जमीन में से 360 कि.ग्रा. उत्पादन हुआ जो मेरा संकल्प पूरा हुआ। इस तरह से योग के प्रयोग से अच्छे परिणाम प्राप्त कर सकते हैं। यह मेरा और मेरे परिवार का पूरा भरोसा है। अत: ज्ञानसूर्य और पवित्रता के सूर्य शिवबाबा की किरणों से ही इतनी अच्छी फसल सम्भव हुई है, यह मेरा दृढ़ निश्चय है।

बी.के. बालासो रूगे इचलकरंजी, कोल्हापुर (मो. 09405560030)

मैं 14 साल से राजयोग का अभ्यास और 11 साल से यौगिक खेती कर रहा हूँ। मैं सबसे पहले पहले प्रात: 3.30 बजे उठते ही परमात्मा पिता से गुडमॉर्निंग करके, फ्रेश होकर योग कक्ष में बैठकर योग करता हूँ। पहले स्वयं को अनुभव करता हूँ कि मैं एक अति सूक्ष्म प्रकाशमय बिन्दूरूप आत्मा हूँ… । शान्त हूँ, पवित्र हूँ, शक्तिशाली हूँ…। फिर परमात्मा को बुद्धि रूपी नेत्र से देखते हुए उनकी शक्तियों को अपने अन्दर समाने का अनुभव करता हूँ…।

परमात्मा से पवित्रता की, शक्तियों की किरणें मुझ में आ रही हैं… मेरे अन्दर की कमजोरियॉं और पाप नष्ट हो रहे हैं…। मैं आत्मा और ही प्रकाशित हो रहा हूँ…। कुछ समय यह अनुभव करने के बाद मैं आत्मा शरीर से बाहर निकलकर परमधाम में परमात्मा के पास जाकर उनकी सारी शक्तियों को अनुभव करते हुए उन्हीं शक्तियों को नीचे सृष्टि पर सकाश के रूप में प्रवाहित करता हूँ…। इससे प्रकृति के पॉंचों तत्व, चन्द्र, तारे, ग्रह, नक्षत्र, जीव-जंतु, वृक्ष, वनस्पति सब चार्ज हो रहे हैं… ऐसा अनुभव करता हूँ।